विद्युत क्षेत्र क्या है ? विद्युत बल रेखाएं | उनके गुण | उपयोग

विद्युत क्षेत्र क्या है ? विद्युत बल रेखाएं एव उनके गुण एव उपयोग

विद्युत क्षेत्र क्या है ? विद्युत बल रेखाएं एव उनके गुण एव उपयोग

विद्युत क्षेत्र

आज हम समझेंगे फिजिक्स के एक बहुत ही Basic Concept के बारे में जिसे हम विद्युत क्षेत्र कहते है जिसमे हम कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर चर्चा करेंगे जैसे की विद्युत क्षेत्र क्या होता है तथा विद्युत क्षेत्र की तीव्रता क्या होती है और इसका सूत्र क्या होता है |

तथा इसके बाद हम विद्युत बल रेखाओ के बारे में भी समझेंगे जिसमे हम देखेंगे की  विद्युत बल रेखाए क्या होती है और किस प्रकार ये उत्पन्न होती है और इनके क्या – क्या गुण होते है तथा विद्युत बल रेखाओ के क्या क्या उपयोग होते है  | इन सभी बातो को विस्तार से समझेंगे तो सबसे पहले हम विद्युत क्षेत्र एव इस क्षेत्र की तीव्रता   के बारे में समझ लेते है की यह क्या होता है |

विद्युत क्षेत्र को हम इस प्रकार परिभाषित कर सकते है की किसी भी बिंदु आवेश के चारो और का वह क्षेत्र जिसमे किसी अन्य आवेश को रखने पर वह या तो उस क्षेत्र में आकर्षण बल का अनुभव करता है या फिर प्रतिकर्षण बल का अनुभव करता है वह क्षेत्र उस बिंदु आवेश के लिए उसका विद्युत क्षेत्र कहलाता है | तथा यह क्षेत्र इस बिंदु आवेश द्वारा उत्पन्न हुआ है जो की आवेशित है | अब हम बात करेंगे इस क्षेत्र की विद्युत क्षेत्र की तीव्रता की |

अब अगर हम इस क्षेत्र में किसी आवेश की कल्पना करे जिसका मान q है तथा इस आवेश पर लगने वाला आकर्षण या प्रतिकर्षण बल का मान F हो तब इस विद्युत बल F तथा आवेश q के अनुपात को उस क्षेत्र की विद्युत क्षेत्र की तीव्रता कहते है इसको E ( कैपिटल E ) से दर्शाते है तथा यह एक सदिश राशी होती है इसलिए इसको दर्शाने के लिए परिमाण तथा दिशा दोनों की आवश्यकता होती है त्तथा इसकी दिशा क्षेत्र में रखे दोनों आवेशो को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश ही होती है |

अर्थात विद्युत क्षेत्र की तीव्रता

E = F / q

जहा F बल तथा q आवेश का मान है

इसका SI मात्रक

E का मात्रक  = बल का मात्रक / आवेश का मात्रक

 E का मात्रक  = न्यूटन ( N ) / कुलाम ( C )

या फिर वोल्ट ( V ) / मीटर ( m )

होता है  

अब हम विद्युत बल रेखाओ के बारे में समझ लेते है

विद्युत बल रेखाएं

विद्युत बल रेखाएं किसी भी विद्युत क्षेत्र के लिए खीचा गया एक काल्पनिक Smooth Curve होती है अर्थात यदि इस क्षेत्र में कोई एकांक धनावेश रख दिया जाए तो इस एकांक धनावेश पर लगने वाले विद्युत बल को ही उस धनावेश के लिए विद्युत बल रेखाएं कहा जाता है | या फिर इसकी परिभाषा इस प्रकार भी दी जा सकती है की किसी भी विद्युत क्षेत्र में रखे एकांक धनावेश पर लगने वाले बल की दिशा को बताने वाली रेखाएं विद्युत बल रेखाएं कहलाती है | इन विद्युत बल रेखाओ के कुछ गुण होते है जिनके बारे में अब हम समझेंगे |

विद्युत बल रेखाओ के गुण

विद्युत बल रेखाओ के कुछ महत्वपूर्ण गुण होते है जो की इस प्रकार होते है –

1 . इन विद्युत बल रेखाओं का यह गुण होता है की ये हमेशा धन आवेश से निकलकर ऋण आवेश पर समाप्त होती है |

2 . किसी भी स्थान पर विद्युत बल रेखाओ का पास पास होना इस बात को दर्शाता है की यहाँ पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का मान ज्यादा है अर्थात प्रबल विद्युत क्षेत्र है तथा किसी स्थान पर विद्युत बल रेखाओ का का दूर दूर होना इस बात को दर्शाता है की यहाँ पर इस क्षेत्र की तीव्रता का मान कम है अर्थात दुर्बल क्षेत्र है |

3 . कोई भी दो विद्युत बल रेखाएं एक दुसरे को कभी नहीं काटती है और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि किसी भी बिंदु से केवल एक ही क्षेत्र रेखा गुजर सकती है और अगर कोई भी दो रेखाएं आपस में एक दुसरे को अगर काटती है तो उनके कटान बिंदु से दो स्पर्श रेखाएं खिची जा सकती है और ऐसा संभव नहीं होता है |

4 . विद्युत बल रेखाएं हमेशा किसी चालक की सतह के लम्बवत दिशा से होकर गुजरती है |

5 . किसी भी  एक समान विद्युत क्षेत्र में खिची गई सभी विद्युत बल रेखाएं एक दुसरे के परस्पर समान्तर होती है तथा ये बल रेखाएं एक समान क्षेत्र में एक दुसरे से एक समान दुरी पर होती है |

6 . विद्युत बल रेखाओ के किसी भी बिंदु पर यदि  कोई स्पर्श रेखा खिची जाए तो यह स्पर्श रेखा इस बिंदु पर परिणामी तीव्रता की दिशा को बताता है |

7 . किसी भी चालक के अन्दर से होकर विद्युत बल रेखाएं नहीं गुजरती है अर्थात इसका मतलब यह होता है की किसी भी चालक के अन्दर कोई विद्युत क्षेत्र नहीं होता है और इस चालक के अन्दर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता शून्य होती है |

विद्युत बल रेखाओ के उपयोग

अब हम इन विद्युत बल रेखाओ के उपयोग के बारे में समझेंगे की इनके क्या क्या उपयोग है  जैसे की –

1 . यह बात हम जानते है की  जहा पर विद्युत बल रेखाएं पास पास होती है वहा प्रबल विद्युत क्षेत्र होता है तथा जहा विद्युत बल रेखाएं दूर दूर होती है वहा दुर्बल विद्युत क्षेत्र होता है तथा जहा पर विद्युत बल रेखाएं परस्पर समांतर होती है वहा पर एक समान विद्युत क्षेत्र होता है अर्थात इसी Concept का उपयोग करके किसी भी जगह पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता के बारे में पता लगाया जाता है |

2 . इन विद्युत बल रेखाओ का एक उपयोग यह भी होता है की इनके किसी भी बिंदु पर स्पर्श रेखा खीचकर उस बिंदु पर उसकी परिणामी विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता का मान ज्ञात किया जा सकता है |

इस प्रकार इनका उपयोग किया जाता है |

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