Resistance क्या है ? प्रतिरोध | प्रकार | कैसे मापते है

resistance in hindi
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Resistance क्या है? या प्रतिरोध क्या है? और यह कितने प्रकार के होते है,प्रतिरोध कैसे मापते है और इसका उपयोग क्या है? Resistance meaning in hindi इन सभी प्रशनों के उत्तर इस page में है

  • Resistance meaning in hindi – विरोध
  • Resistance meaning in hindi फिजिक्स में – प्रतिरोध

Resistance meaning in hindi | प्रतिरोध क्या है ?

परिभाषा -“किसी Circuit में हो रहे Current Flow में रुकावट प्रतिरोध या Resistance कहलाता है” Resistance जो Ohm Ω से प्रदर्शित करते है और इसका Symbol नीचे Image में है हिंदी में इसे प्रतिरोध कहते है

Symbol of a resistor

दो word Resistance or Resistor में difference इतना है की Resistance एक राशी है और Resistor Resistance पैदा करने वाली device होती है hindi में इन दोनों का मतलब प्रतिरोध ही होता है

प्रतिरोध का उपयोग धारा को नियंत्रित या कम करने में किया जाता है

रेजिस्टेंस को हिंदी में प्रतिरोध कहते हैं यही Resistance meaning in hindi

प्रतिरोध के प्रकार

Resistor के दो प्रकार यहाँ पर है

  1. Fixed Resistor जिसका Resistance Fix रहता है
  2. Variable Resistor जिसका Resistance कम ज्यादा कर सकते है

Fixed Resistor या साधारण प्रतिरोध

फिक्स रजिस्टर

Fixed Resistor यानि Simple प्रतिरोध जो की Image में दिया है अपने इसे देखा होगा किसी भी Circuit में इसका फिक्स मान होता है value होती है जहाँ पर फिक्स resistance की जरूरत पड़ती है इसे Use करते है

फिक्स्ड रेसिस्टर एक प्रकार के लीनियर रेसिस्टर होते हैं। फिक्स्ड रेसिस्टर्स उस रेसिस्टर को कहा जाता है जिन का मान फिक्स होता है। फिक्स्ड रेसिस्टरका मान वेरिएबल रेसिस्टर की तरह बदला नहीं जा सकता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि फिक्स्ड रेसिस्टर्स के मान को इसको बनाते समय निर्धारित कर दिया जाता है।

फिक्स्ड रेसिस्टर के प्रकार

कार्बन कंपोजिशन रेसिस्टर

यह रेसिस्टर काफी आम है। इस तरह के रेसिस्टर को बनाना काफी आसान रहता है और इनकी कीमत भी काफी कम रहती है। कार्बन कंपोजिशन रेसिस्टर मुख्यतः कार्बन क्ले से बने होते हैं जिनको प्लास्टिक के कवर से ढका जाता है। इस रेसिस्टर की लेड टीन वाले तांबे से बनी होती है। इस तरह के रेसिस्टर का इस्तेमाल करने का मुख्य लाभ यह है कि यह काफी आसानी से मिल जाते हैं, यह काफी सस्ते होते हैं और यह बहुत टिकाऊ भी होते हैं। कार्बन कंपोजिशन रेसिस्टर को इस्तेमाल करने का यह नुकसान है कि यह तापमान के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं। इस तरह के रेसिस्टर में विद्युत करंट एक कार्बन पार्टिकल से दूसरे कार्बन पार्टिकल की तरफ बढ़ता है जिस वजह से यह कुछ विद्युत शोर भी उत्पन्न करते हैं।
कार्बन कंपोजिशन रेसिस्टर का उपयोग
1.कार्बन कंपोजिशन रेसिस्टर का उपयोग हाई फ्रीक्वेंसी एप्लीकेशंस में किया जाता है।
2.इसका इस्तेमाल हाई वोल्टेज पावर सप्लाई में किया जाता है।
3.इसका उपयोग करंट लिमिटिंग सर्किट में किया जाता है।

वायर वाउंड रेसिस्टर

वायर वाउंड रेसिस्टर में मैंगनीन या कांसटेनटन की तार को इंसुलेटिंग मटेरियल के एक सिलेंडर के आसपास लपेट दिया जाता है। मैंगनीन और कांसटेनटन का तापमान गुणांक 0 रहता है जिस वजह से इन रेसिस्टर में तापमान के साथ रेसिस्टेंस परिवर्तन ना के बराबर होता है। इन रेसिस्टर की कीमत कार्बन रेसिस्टर से काफी अधिक रहती है। इन रेसिस्टर का प्रयोग उस समय किया जाता है जब कार्बन कंपोजिशन रेसिस्टर अपने सीमाओं की वजह से वह काम नहीं कर पाता।
वायर वाउंड रेसिस्टर का उपयोग
1.इस रेसिस्टर का इस्तेमाल स्पेस और डिफेंस के कार्यों में किया जाता है।
2.इसको वोल्टेज और करंट को बैलेंस करने के लिए इस्तेमाल में लिया जाता है।
3.इस रेसिस्टर का इस्तेमाल कंप्यूटर में भी किया जाता है।

थिक और थिन फिल्म रेसिस्टर

फिल्म रेसिस्टर के सेरेमिक बेस पर एक प्रतिरोधक परत चढ़ी होती है जिसकी मोटाई से यह आकलन होता है कि ये रेसिस्टर थिक फिल्म रेसिस्टर है या थिन फिल्म रेसिस्टर है। थिक फिल्म रेसिस्टर के प्रतिरोधक परत की मोटाई थिन फिल्म रेसिस्टर के प्रतिरोधक परत की मोटाई से काफी अधिक होती है। थिक फिल्म रेसिस्टर का उत्पादन एक खास पेस्ट के जरिए किया जाता है जो कि ग्लास और धातु ऑक्साइड का सबस्ट्रेट में मिश्रण होता है। थिक फिल्म रेसिस्टर तीन प्रकार के होते हैं फ्युजिबल रेसिस्ट, सेरमेट फिल्म रेसिस्टर और मेटल ऑक्साइड फिल्म रेसिस्टर।

Variable Resistor

इस  तरह के resistor Resistance को adjust कर सकते है यानि कम ज्यादा कर सकते है हमे इनकी knob को rotate करना होता है अपने इसे Old Television में Use किया होगा Volume कम-ज्यादा करने के लिए इस प्रकार के Resistor का Resistance max-min लिमिट में आता है  

वेरिएबल रेसिस्टर एक ऐसा उपकरण होता है जिसके रेसिस्टेंस को इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में अपनी जरूरत के अनुसार कम ज्यादा किया जा सकता है। इसका उपयोग 2 टर्मिनल के साथ-साथ 3 टर्मिनल के तौर पर भी किया जा सकता है। मुख्यतः इसको 3 टर्मिनल के तौर पर इस्तेमाल में लिया जाता है। वेरिएबल रेसिस्टर का उपयोग उपकरण के अंशाकन के लिए किया जाता है।

वेरिएबल रेसिस्टर के प्रकार

पोटेंशियोमीटर

जब कभी भी हम करंट और पोटेंशियल अंतर का आकलन एमीटर या वोल्टमीटर से करते हैं उस समय हमारे पास शुद्ध मान नहीं आ पाता है क्योंकि जब हम एमिटर या वोल्ट मीटर को सर्किट में जोड़ते हैं तब वह मूल सर्किट को डिस्टर्ब कर देता है लेकिन पोटेंशियोमीटर एक ऐसा उपकरण होता है जिसके मदद से हम करंट और पोटेंशियल डिफरेंस का आकलन बिल्कुल सटीक ढंग से कर सकते हैं। पोटेंशियोमीटर के ऐसा रेसिस्टर है जो कि किसी सर्किट में वोल्टेज को काबू करने के काम में लिया जाता है। पोटेंशियोमीटर 3 टर्मिनल से निर्मित होता है जिसमें दो टर्मिनल निश्चित होते हैं तो एक टर्मिनल परिवर्तनशील होता है। पोटेंशियोमीटर के 2 निश्चित टर्मिनल को रजिस्टर मटेरियल के दोनों सिरों से जोड़ दिया जाता है जिसको ट्रैक कहा जाता है और तीसरे टर्मिनल को एक स्लाइडर से जोड़ दिया जाता है जिसको वाइपर कहा जाता है। जैसे ही वाइपर रेसिस्टेंस के पथ पर चलता है उसी समय पोटेंशियोमीटर के रेसिस्टेंस मे बदलाव आना शुरू हो जाता है।
पोटेंशियोमीटर का इस्तेमाल
1.पोटेंशियोमीटर का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में वोल्टेज डिवाइडर के तौर पर किया जाता है।
2.पोटेंशियोमीटर रेडियो और टेलीविजन मे आवाज को कम ज्यादा करने के लिए काम में लिया जाता है।
3.इसका इस्तेमाल मेडिकल उपकरणों में भी किया जाता है।

रिओस्टेट

रिओस्टेट शब्द ग्रीक शब्द रियोस और स्टैटिस से बना है इसका मतलब होता है करंट को काबू में करने वाला उपकरण। रिओस्टेट का निर्माण पोटेंशियोमीटर की तरह ही होता है। पोटेंशियोमीटर की तरह रिओस्टेट मे भी 3 टर्मिनल मौजूद होते हैं हालांकि इसमें ऑपरेशन करने के लिए केवल दो टर्मिनल को उपयोग में लिया जाता है। रिओस्टेट का रेसिस्टेंस प्रतिरोधक तथ्व पर निर्भर करता है जिसके माध्यम से इलेक्ट्रिक करंट दौड़ रहा हो।
रिओस्टेट का उपयोग
1.रिओस्टेट उन उपकरणो में इस्तेमाल में लिया जाता है जहां हाई वोल्टेज और करंट की जरूरत हो।
2.प्रकाश की तीव्रता को बदलने के लिए रियोस्टेट का उपयोग डिम रोशनी में किया जाता है। अगर हम रिओस्टेट के रेसिस्टेंस को बढ़ाते हैं तो 3.लाइट बल्ब में प्रवाहित हो रहा इलेक्ट्रिक करंट कम हो जाता है। जिस वजह से प्रकाश की चमक कम हो जाती है।

थर्मिस्टर

थर्मिस्टर शब्द का अर्थ है थर्मल रेसिस्टर। इस प्रकार के रेसिस्टर का मान तापमान के अनुसार परिवर्तित होता रहता है। अधिकांश थर्मिस्टर में नकारात्मक तापमान गुणांक होता है जिसका मतलब यह है कि तापमान बढ़ने के साथ-साथ इसका रेसिस्टेंस नीचे की ओर गिर जाएगा। थर्मिस्टर सेमीकंडक्टर मैटेरियल से निर्मित होते हैं। थर्मिस्टर्स की मदद से कुछ मेगाओम तक का रेसिस्टेंस प्राप्त किया जा सकता है। थर्मिस्टर का इस्तेमाल छोटे से छोटे तापमान मे हुए परिवर्तन को मापने के लिए किया जाता है।
थर्मिस्टर का उपयोग
1.थर्मिस्टर का उपयोग विनिर्माण सुविधाओं में सर्किट ब्रेकर के तौर पर किया जाता है अगर तापमान खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है तब 2.थर्मिस्टर की मदद से सर्किट को तोड़ दिया जाता है।
3.थर्मिस्टर का उपयोग अक्सर थर्मामीटर में किया जाता है क्योंकि यह तेजी से प्रक्रिया करते हैं और साथ ही साथ यह काफी सटीक भी होते हैं।

Resistance को कैसे मापते है?

 किसी भी Resistor का Resistance मापने के लिए Ohm के नियम का use कर सकते है या फिर Color code सबसे बड़िया Option है या फिर Multi-meter का use करके किसी भी resistor का resistance माप सकते है आप सबसे ऊपर वाली image देखिये resistor पर कई कलर की पट्टियाँ होंगी इन्ही पर कलर code का use कर सकते है

प्रतिरोध को मापने के लिए स्थिति के अनुसार अलग-अलग विधियों का उपयोग होता है इन विधियों की चर्चा हम नीचे करते हैं

प्रतिरोध का कलर कोड पढ़कर

कलर कोड पढ़कर हम किसी रजिस्टर का रजिस्टेंस जान सकते हैं इस टेबल को कैसे पढ़ते हैं इसकी जानकारी इस पेज पर है- Resistor का कलर code कैसे पड़े?

मल्टीमीटर के उपयोग से चेक करें

मल्टीमीटर से resistance चेक करें

मल्टीमीटर के उपयोग से भी हम किसी रजिस्टर का रजिस्टेंस पता कर सकते हैं आपको प्रतिरोध के दोनों टर्मिनलों को मल्टीमीटर के टर्मिनल से मिलाना है और मल्टी मीटर की डिस्प्ले पर आपको रजिस्टर का रजिस्टेंस दिख जाएगा

ओम के नियम से

जब किसी विद्युत परिपथ में धारा और वोल्टेज दिया हो तब हम ओम के नियम का उपयोग करके रेजिस्टेंस ज्ञात कर सकते हैं ओम का नियम समझने के लिए इस पेज पर जाएं – ओम का नियम

किसी Resistor के Resistance पर Temperature का प्रभाव

किसी Resistor का Resistance ताप बडने पर बड जाता है यदि हम मान लें की Resistor का Resistance R1 है और उसका temperature T1 है फिर उसका तापमान T2 हो जाता है तब Resistance बड कर R2 हो जाता है तब R2- R₂=R₁(1+alpha(T₂-T₁)) हो जायेगा जहाँ पर alpha temperature coefficient यानि तापमान स्तरांक है

 I Hope आपको Resistance से सम्बंधित Important जानकारी Resistance meaning in hindi इसके प्रकार मापन, मिल गई है जैसे Resistance क्या है और इस पर ताप का प्रभाव क्या पड़ेगा और Resistor कितने प्रकार के होते है इसे मापते कैसे है यह इनफार्मेशन आपको असंद आई हो तो इसे अपने Friends से share करें अपने School,Collage में और facebook पर share करने के लिए नीचे Button है और कोई Question हो तो comment में लिखें next पोस्ट पाने के लिए subscribe करें ऊपर button है

Resistor के उपयोग

इनका उपयोग कई जगहों पर Electrical परिपथ और Devices में किया जाता है जैसे की –

1 . किसी भी Electrical Circuit में जब बहुत सारे Components का उपयोग किया जाता है तो Resistance का उपयोग करके उस Circuit में Current की Limit को Control किया जाता है |

2 . किसी भी इलेक्ट्रिकल Circuit  में Voltage को Reduce करने के लिए भी इनका उपयोग किया जाता है  |

3 . किसी भी इलेक्ट्रिकल Circuit  में या फिर किसी भी इलेक्ट्रिकल Fan  में या अन्य किसी भी इलेक्ट्रिकल Device में इनका उपयोग Timing Cycle को Control करने के लिए भी किया जाता है |

4 . Electrical  सर्किट में ट्रांसमिशन लाइन को Terminate करने के लिए भी इनका उपयोग किया जाता है |

इस प्रकार इनके बहुत सारे उपयोग होते है |

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